आखिर हम कांवड़िए जो थे
मित्रो आजकल जिस तरह के हालात हैं और हम प्रशासन और पुलिस को दोषी ठहरा रहे हैं उसी बात पर एक संस्मरण लिख रहा हूँ
पिछले साल 2017 की 18 फरवरी थी और हर वर्ष की भांति हम हरिद्वार कांवड़ लेने अपने मित्रों के साथ निकले शायद 25 या उससे अधिक लोग थे 16 से 55 वर्ष तक के व्यक्तियों का एक झुण्ड था ।
क्योंकि रास्ता लंबा है और पैदल चलने में तकलीफ होती है इसलिए अपने बैग और खानेपीने का सामान एक ट्रैक्टर ट्राली में रख कर शाम को हम निकल पड़े ।
रास्ते में एक जगह है गुलावठी वहाँ देखा रोड़ पर करीब 1 किमी लंबा जाम था मगर अच्छी बात ये थी की अधिकतर वाहनस्वामी धैर्य से खड़े थे दूसरी तरफ से रोड खाली था ।
हमें धैर्य नहीं था क्योंकि
हम तो कांवड़िए थे
फिर क्या था ट्रैक्टर गलत लेन में डाल दिया , सभी बड़े प्रसन्न थे सोचा कितने बेवकूफ हैं और लोग जो खड़े हैं और इस तरह हम मेन चौराहे पर पहुंचे मगर वहां काफी जाम था और ट्रैक्टर ट्राली गलत लेन में होने के कारण फँस गई ।
वहाँ तैनात पुलिस कर्मी जो जी जान से ट्रैफिक को दुरुस्त करने में लगे हुए थे ट्रैक्टर ट्राली फंसी देख के उन्हें और पसीना आगया ।
इतने में एक पुलिस कर्मी ने आके ट्रैक्टर चालक से इतना कहा कि - अँधा है क्या ?
जो मेरे हिसाब से गलत नहीं था
मगर क्यों सुनते
आखिर हम कांवड़िए थे
सब ट्रैक्टर ट्रॉली से उतर कर रोड पर आचुके थे और बोले #हिंदुओं को कांवड़ लेने से रोका जराह्या है ।
पुलिसकर्मी घबरा गया तो इतने में एक दरोगा जी आये और मौके की नजाकत को समझते हुए बोले कि कोई बात नहीं हम क्षमा चाहते हैं आप निकल जाइये ।
हम भोले के भक्तों को परेशान नहीं करते ।
और इस तरह पूरी ऐंठ और शान से #भोले के भक्त #कांवड़ियों का काफिला गंतव्य की तरफ रवाना हुआ ।
आखिर हम कांवड़िए जो थे ।
ये अनुभव कोई काल्पनिक घटना नहीं है ।
मेरा अनुभव है
किसी धर्म विशेष की भावना को ठेस पहुंचाने का मेरा कोई उद्देश्य नहीं है मगर ये सत्य है जुलूस चाहे धार्मिक हो या राजनैतिक गलती हम करते हैं और पुलिस प्रशासन को ये भुगतना पड़ता है ।
कोई पुलिस अधिकारी नहीं चाहता कि कानून व्यवस्था बिगड़े ।
कोई मुख्यमंत्री नहीं चाहता कि उसके राज्य में कोई दंगा हो ।
ये तो कुछ छुटभैये नेता अपने निजी स्वार्थ हेतु कुछ ऐसी हरकत करते हैं ।
सोचिये समझिये अफवाहों पर ध्यान न दीजिये
प्रशासन अपना कार्य मुस्तैदी से कर रहा है ।
आप सकुशल अपने कार्य कीजिये ।
जय हिंद जय भारत
वंदे मातरम
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