मैं शायर कैसे बना
स्कूल में मेरी होती थी अक्सर पिटायी !
मैं 2G था, और मैडम थी Wi-Fi !!
:उस पर मेरा, सॉफ्टवेयर बडा पुराना था !
ट्यूब लाईट था मैं, जब CFLका जमाना था !!
गणित में तो, मैं बचपन से ही फ़्लॉप था !
भेजे का पासवर्ड, बड़े दिनों तक लॉक था !!
जब जब स्कूल जाने में, मैं लेट हुआ!
प्रिंसपल की डाँट से, सॉफ़्टवेयर अपडेट हुआ !!
हाईस्कूल में, ईश्क का वायरस घुस बैठा !
भेजे में सुरक्षित, सारा डाटा ,समाप्त कर बैठा !!
नजरों से नजरें टकरायी, 10th क्लास में !
मैसेज आया, मेरे दिल के इनबॉक्स में !!
.
जब जब मैंने, आगे बढकर पोक किया !
धीरे से उसने, नजरें झुकाकर रोक दिया !!
.
कॉलेज में देखा किसी गैर के साथ, तो मन बैठा !
ईश्क का वायरस, एंटीवायरस बन बैठा !!
.
वो रियल थी, लेकिन फ़ेक आईडी सी लगने लगी !
बातों से अपनी, मेरे यारों को भी ठगने लगी !!
आयी वो वापस,
दिल पे मेरे नॉक किया !
लेकिन फ़िर मैंने, खुद ही उसको ब्लॉक किया !!
.
मेरे जीवन में, अब प्यार के लिए स्पेस नहीं !
मैं 'शायर हूँ पगली, मजनू का अवशेष नहीं !!:
.
कॉलेज से निकला, दुनियादारी सीखने लगा !
बना मैं शायर, राजनीति पर लिखने लगा !!:
.
डरता है दिल, जिंदगी मेरी ना वेस्ट हो !
जो कुछ लिखूँ,
सदियों तक कॉपी पेस्ट हो !
टिप्पणियाँ